Raha na kau Deen ke - रहे न काउ दीन के Unknown Sunday, September 24, 2017 Add Comment Edit रहे न काउ दीन के / रजनी लवानिया रहे न काउ दीन के, सेंत न कोउ ले ॥ ऐसे बूढ़े बैल को, कौन बान भुस दे ॥ Raha,N... Read More
समस्या मुँशी प्रेमचन्द - Samashya / Munshi Premchand Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit मुँशी प्रेमचन्द मेरे दफ्तर में चार चपरासी हैं। उन... Read More
मुण्डन / हरिशंकर परसाई - Manduk / Harishankar Parsai Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई किसी देश की संसद में एक दिन बड़ी हलचल मची। हलचल का कारण कोई राजनीतिक समस्या नहीं थी, बल्कि यह था कि एक मंत्री का अच... Read More
Best stories, hindi, kahani, Munshi Premchand, Purani Kahani, , Suno Kahani, SunoKahani, Samar Yatra Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit मुँशी प्रेमचन्द 1 आज सबेरे ही से गॉँव में हलचल मची हुई थी। कच्ची झोपड़ियॉँ हँसती हुई जान पड़ती थी। आज सत्याग्रहियों का जत्था ... Read More
भगत की गत / हरिशंकर परसाई - Bhagat Ki Gat / Harishnakar Parsai Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई उस दिन जब भगतजी की मौत हुई थी, तब हमने कहा था- भगतजी स्वर्गवासी हो गए। पर अभी मुझे मालूम हुआ कि भगतजी, स्वर्गवासी ... Read More
भारत को चाहिए जादूगर और साधु / हरिशंकर परसाई - Bharat Ko chahiy Jadugar Aur Sadhu Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को मैं सोचता हूं कि साल-भर में कितने बढ़े। न सोचूं तो भी काम चलेगा- बल्कि ज्यादा आराम से चले... Read More
एक अशुद्ध बेवकूफ / हरिशंकर परसाई - Ek Achudh Befkoof Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई बिना जाने बेवकूफ बनाना एक अलग और आसान चीज है। कोई भी इसे निभा देता है। मगर यह जानते हुए कि मैं बेवकूफ बनाया जा रहा... Read More
बदचलन / हरिशंकर परसाई - Badchalan / Harishankar Parsai Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई एक बाड़ा था। बाड़े में तेरह किराएदार रहते थे। मकान मालिक चौधरी साहब पास ही एक बंगले में रहते थे। एक नए किराएदार... Read More
यस सर / हरिशंकर परसाई - Yes sir / Harishankar Parsai Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई एक काफी अच्छे लेखक थे। वे राजधानी गए। एक समारोह में उनकी मुख्यमंत्री से भेंट हो गयी। मुख्यमंत्री से उनका परिचय पहल... Read More
पिटने-पिटने में फर्क / हरिशंकर परसाई - Peetne - Peetne Mai Farak / Harishankar Parsai Unknown Saturday, September 03, 2016 Add Comment Edit हरिशंकर परसाई (यह आत्म प्रचार नहीं है। प्रचार का भार मेरे विरोधियों ने ले लिया है। मैं बरी हो गया। यह ललित निबंध है।) बहुत लोग क... Read More